अगर कहना ही पड़ा तो तेरा इसमें कमाल क्या है। अगर कहना ही पड़ा तो तेरा इसमें कमाल क्या है।
अपनी ज़वानी पर जब होता है चाँद धवल चाँदी के जैसा चमकता है चाँद। अपनी ज़वानी पर जब होता है चाँद धवल चाँदी के जैसा चमकता है चाँद।
कुछ तो कहना है तुमसे क्या कहूँ क्या छिपाऊं याद करूँ मैं तुमको या फिर से भूल जाऊँ। कुछ तो कहना है तुमसे क्या कहूँ क्या छिपाऊं याद करूँ मैं तुमको या फिर से...
पर अग़र मैं कहूँ, मैं वही जानती हूँ जो मैं मानना चाहती हूँ मैं तुम्हें पाना चाहती हूँ पर अग़र मैं कहूँ, मैं वही जानती हूँ जो मैं मानना चाहती हूँ मैं तुम्हें पाना...
मेरा हाल पूछने आते हैं... मेरा हाल पूछने आते हैं...
बेवफ़ा बेवफ़ा